खामी… बुराई

p3बुराईयाँ तो है बहोत, है उस सख्स में
मग़र… दब गये सब, उसे एक खूबी जज्बा ऐ हिंद से ।।
यूं तो बातें सुनने थे, सुन रहे है
पहले और अब के, हुक्मरान के
जाने क्यों अब , एक उम्मीद हुआ
होने नहीं देगा टुकड़े, फिर हिंदुस्तान के ।।
#यज्ञ

रंज / रोष / क्रोध / गुस्सा / Anger

लोग बदल जाते है
तेरे बदल जाने के बाद
रंज किससे करूँ
जिंदगी तुझसे या वक़्त से
तेरे बदल जाने के बाद |1|

यूँ तो…
विश्वास दिला जाते है
पर्वत झुका देंगे
देख कर झोके हवाओं का
पीछे हो जाते है
तेरे बदल जाने के बाद |2|

जिंदगी ने…
बहोत दर्द दिए है
पर ये चोंट न भरा
तेरे बदल जाने के बाद |3|