
झूठ क्यों और कब तक
बोला जाये
क्या… केवल वोट के लिये
ही, झूठ बोला जाये ।।
अन्य किसी कारणों से
झूठ अपराध हो सकता है
किन्तु राजनीति में ही
झूठ क्षमा हो सकता है ।।
वचन अनमोल है
व्यर्थ किया जाये
झूठ के सहारे
चलो चुनाव लड़ा जाये ।।
कुछ बातें कुछ कहानीयाँ
कुछ जुमलें बनाया जाये
राजनीति के अंगीठी में
कुछ अपना रोटी पकाया जाये ।।
ऊँगलीयाँ अधिक कर लिये
नेता राजनेता… अब
अब, जनता ऊँगली कर
उन्होंने कुछ नाच नचाया जाये ।।








