क्यों नहीं लेते …

यज्ञ क्या तुम अकेले हो, तन्हा हो
तो इक दीपक जला क्यों नहीं लेते
इस तीरगी से लड़ने के लिए
मन में रौशनी फ़ैला क्यों नहीं लेते
वक़्त एक सा नहीं रहता सदा
ये दिल को समझा क्यों नहीं लेते
कोई जी कर मोहब्बत करता है
कोई मोहब्बत कर के जीता है
ज़माने को ये फर्क़ दिखला क्यों नहीं देते
लड़ाई छिड़ी है मानवता के बीच
इंसाँ है तो इंसानियत निभा क्यों नहीं लेते ।।

आञ्जनेय प्रगट दिवस

।। जय श्री राम ।।

श्री राम भक्त जय जय पवन सुवा
संकट तारे तनय आञ्जनेय भुवा ।।

जय जय हनु हनु हनुमान कहलावा
जय जय केसरीनंदन प्रताप दिखावा ।।

राम राम नाम ध्वज जग तनु फैलावा
जय जय कपीश लंकेश्वर लंक जरावा ।।

श्री राम जय राम कपि मुख सुहावा
धीर शील बल जाके बर्णन न जावा ।।

जय रुद्रांश हनु रघुनाथ काज बनावा
यज्ञ बार बार तोरे चरण शीश नवावा ।।

रामदूत पवनपुत्र शंकरसुवन केसरीनंदन आञ्जनेय
के प्रगट दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं ।।

वज़ह ढूंढ लेना …

जिंदगी की ख़ुशी के लिए
दूसरों की ख़ुशी छीन ल लेना
दुसरों की ख़ुशी में तू यारा
थोड़ा अपनी ख़ुशी ढूंढ लेना ।।

न तेरा ग़म है ना मेरा ग़म है
इस जहान में हम ही हम है
तेरे ग़म को मैं गुनगुनाऊँ
मेरी खुशियों में तुम मुस्कुराओ
यज्ञ ऐसा कोशिश कर
के एक साथ जीने का
यहाँ वज़ह ढूंढ लेना ।।

राम नवमी … जय श्री राम … 2

यज्ञ नौनिहाल पे तुम अयोध्या पे रामा
चरण रज पाने को मैं आऊँगा हे रामा ।।

जय कोसलाधीसा रघुवर हनुमंत के स्वामी
तुम्हारी प्रताप अब ये मुख क्या करे स्वामी ।।

तुम दीन हीन रक्षक तुम दावन हो भक्षक
हृदय बिराजो कृपा करहुँ इस दीन पे स्वामी ।।

राम चरण दर्श केसरीनंदन मन होय अनुरागी
कपिराज विनय है कछु उपाय कीजे स्वामी ।।
🏹 रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाऐं 🏹

राम नवमी … जय श्री राम

राम चरण अति पावन जो देखा
फिर कछु सुहावाहिं न विशेषा ।।

केहि विधि केहि विधि मनाओं मैं तात
धर्म कर्म और वचन नाही मोर साथ ।।

पुनि पुनि पुनि पुनि तोहे शीश नवाऊँ
उद्धार नाहि रघुपति चरण जो न जाऊँ ।।

यज्ञ राम जन्मदिवस बड़न हितकारी
आवें भवन देव गंधर्व ब्रम्हा जटाधारी ।।
🏹 रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाऐं 🏹