एक दीप … संस्कृति

एक दीप… संस्कृति
संस्कार के लिए
एक दीप… विजय
शौर्य के लिए
एक दीप… मन
घर प्रकाश के लिए
एक दीप … वीरों के लिए
अनेक दीप … राष्ट्र के लिए ।।
।। दीपावली की ढ़ेरों शुभकामनाएं।।

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अमावस्या की काली अंधेरी रात / Story of Festival of Lights

अमावस्या की अंधेरी रात को
एक संदेशे ने
अवधपूरी अयोध्या को
दीपों से जगमगा दिया

दीपावली की ढ़ेरों शुभकामनाएं

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धनतेरस / dhanteras

धनतेरस में इस बार सोने चाँदी या कोई कीमती वस्तु के साथ एक दुसरे का प्यार भी घर लायें …

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धनतेरस की ढ़ेरों शुभकामनाएं / Happy dhanteras

दीपउत्सव …

एक दीप अपने संस्कृति के लिए
एक दीप अपने संस्कार के लिए
एक दीप अपने विजय के लिए
एक दीप मन रौशन के लिए
एक दीप घर रौशन के लिए
एक दीप सीमा के वीरों के लिए
अनेक दीप अपने राष्ट्र के लिए
जलाना है…
सुख शांति वैभव
सदा उल्लास रहे
ऐसे दीपउत्सव मनाना है
।। दीपावली की अनेक अनेक शुभकामनाऐं ।।

दीप दीपावली को…

तेरह दीप तेरस को
चौदह दीप चौदस को
जग उजियारा हो
अनगिनत दीप दीपावली को ।।

भाई को भाई
माँ को पुत्र मिला
घर को लक्ष्मी
जग को न्याय मिला
जग उजियारा हो
अनगिनत दीप दीपावली को ।।

सिहासन को राजा
भक्त को भगवान मिले
पुरुषों को मर्यादा
जन को राम मिले
जग उजियारा हो
अनगिनत दीप दीपावली को ।।
!!! दीपावली की हार्दिक शुभकामनाऐं… यज्ञ !!!

माटी के दियना …

माटी के दियना रे
माटी के दियना
जगमग जगमग जले
माटी के दियना
जग उजियारा करे
माटी के दियना
तोरो घर जले
मोरो घर जले
माटी के दियना
राम जानकी बईठे हे
भरत शत्रुघ्न तेल डाले
लखन जलाये दियना ।।