यूँ गणतंत्र में अपना योगदान करना है

यूँ गणतंत्र में अपना योगदान करना है …

यूँ गणतंत्र में अपना योगदान करना है
अपने मत से अपना मतदान करना है l1l
यूँ ही व्यर्थ न जाने दो एक भी वोट
अपने एक वोट का सम्मान करना है l2l
अवसर मिला है जनादेश का यारों तो
अपने लोकतंत्र पे अभिमान करना है l3l
तन मन राष्ट्र के लिए हो जिसका ऐसे
किसी योग्य को अपना कप्तान करना है l4l
इस पर्व में उपयुक्त प्रत्याशी को चुन कर
जग में जय हिंद का जय गान करना है l5l

बे-मतलब कौन

सब मतलब है मतलब है
ढोल तासे मंजीरा घण्टी बेमतलब कौन बजाए
ये दौड़ भाग भाई दौड़ भाग
हर कोई राजनीति में दौड़ लगाए
जिसे वो माने गुने नहीं वो भी
गंगा में गोता लगाए
जिनको जिसकी विसर्जन यात्रा चुभती थी
वो ही अब उनकी ही पाठ सुनाए
धर्म कर्म है सब दिखावे के
मतलब पे जनेऊ बाहर निकल जाए
जाट पात पंत में बाँट कर
ये सब बस माल दबाए
दिखते है उठाते है एक दूसरे पे ऊँगलियाँ
पर मतलब पे एक हो जाए
इन्हें बेहाल जनता न देश दिखे
इन्हें तो बस अपनी खुर्सी ही नज़र आए ।।

🇮🇳 राष्ट्र कि जीत हुई … 🇮🇳

सियासी बिगुल बजी थी
आगाज़ वो शंखनाद खत्म हुई
अब वो टकरार खत्म हुई
कोई हारा कोई जीता
पर…
पूर्ण बहुमत की सरकार बना कर
आज जनता की
राष्ट्र कि जीत हुई ।।

मतदान कर …

छुट्टी मना कर
राष्ट्र को दुर्बल नहीं करना है
ये वो लोकतंत्र का पर्व है
जहाँ अपना कर्तव्य पूरा करना है
झोक दो आने स्वार्थ लोभ
वेदी की अग्नि में
किसी और से नहीं
अपने आप से ही लड़ना है ।।

क्यों टूट रहा क्यों बिखर रहा
अपने ही हाँथ राष्ट्र को बेच रहा
चंद रुपयों के लिए
अपना ईमान बेच रहा
खरीदार ऐसे वही होते है
जो विश्वास के क़ाबिल नहीं होते है
ना कर तू नादानी ना करने दे उसे मनमानी
राष्ट्र को ऐसे न शर्मशार कर
छुट्टी मना औरों को ऐसे न गुमराह कर
“यज्ञ” तू अपना कर्म कर कर्तव्य कर
राष्ट्र के हित में अपना मतदान कर ।।

मेरा दिल बता…

मेरा दिल बता
तू किसे चुनेगा
किसी पार्टी को
या फिर व्यक्तित्व को
मेरा दिल बता
तू देश के लिए जीयेगा
या फिर अपने स्वार्थ को ।1।

कोई बड़ा हो कर
छोटा आदमी बन रहा
कोई अपने ही
शौर्य को खंडन कर रहा
कोई देश का
टुकड़ों की बात कर रहा
कोई विकास कोई कर्ज
की बात कर रहा
पर…
हम तुम क्या कर रहे है
उन सभी के कृत्यों को
बढ़ावा दे रहे है ।2।

भुला करेंगे …

फैला कर अराजकता अब न्याय करेंगे
दबा कर कर्ज में अब माफ करेंगे
भूल चुके थे जो अपने देश को
अब वो हिंदुस्तान की बात करेंगे
हर मुमकिन कोशिश करेंगे
दावे और विकास की बात करेंगे
घर घर संपन्नता रोजगार की बात करेंगे
तेरा मेरा समर्थन पाने को
हर संभव लुभावने बातें करेंगे
अगर नहीं पाया समर्थन तो बाज़ार खोल
तुझे मुझे खरीदने के हर चाल चलेंगे
कुछ तेरे घर चाय नास्ता
कुछ मेरे घर रोटी तोड़ेंगे
अपने भविष्य संवारने के लिए
भूत पे पर्दा डालने के कोशिश करेंगे
संभल कर ऐसे लोगों से
हार जीत के बाद वो हमें भूला करेंगे
देश का विकास हिंदुस्तान को भुला करेंगे ।।

देश का पर्व…. Election

देश का पर्व है
लोकतंत्र का पर्व है
निर्पेक्ष स्वच्छंद
सम्मिलित होना है
उत्सव है…
नय उमंग उल्लास के संग
हमें मतदान करना है ।।

अपने मन के लोभ को मार
जो भ्रष्ट है उसे उखाड़ फेंकना है
अपने पक्ष को रखने के लिए
अपने प्रश्न पूछने के लिए
अपने मताधिकार का उपयोग करना है ।।

जो सेवादार है जो तलबगार है
राष्ट्र के सेवा को उसे चुनना है
अपने अधिकार का प्रयोग कर
राष्ट्र को सुदृढ़ करना है ।।
🇮🇳 🇮🇳 🇮🇳 जय हिंद 🇮🇳 🇮🇳 🇮🇳

देश का पर्व…. Election

देश का पर्व है
लोकतंत्र का पर्व है
निर्पेक्ष स्वच्छंद
सम्मिलित होना है
उत्सव है…
नय उमंग उल्लास के संग
हमें मतदान करना है ।।

अपने मन के लोभ को मार
जो भ्रष्ट है उसे उखाड़ फेंकना है
अपने पक्ष को रखने के लिए
अपने प्रश्न पूछने के लिए
अपने मताधिकार का उपयोग करना है ।।

जो सेवादार है जो तलबगार है
राष्ट्र के सेवा को उसे चुनना है
अपने अधिकार का प्रयोग कर
राष्ट्र को सुदृढ़ करना है ।।
🇮🇳 🇮🇳 🇮🇳 जय हिंद 🇮🇳 🇮🇳 🇮🇳

रोटी कैसे पचाऊँ… ?

सोंचता हूँ अब क्या मैं बिक जाऊँ
या के फिर लड़ के देश सुदृढ़ कर जाऊँ ।।

सोंचता हूँ अपने जहन में कुछ ईमान जगाऊँ
कभी तो छोड़ अपने मतलब को वतन का हो जाऊँ ।।

रोटी कपड़ा मकान की जरुरत किसे नहीं
पर सोंचता हूँ मुफ़्त की रोटी कब तक चलाऊँ ।।

मेहनत जब बरसेगा नहीं पसीना
तो इस मिट्टी के देह से रोटी कैसे पचाऊँ ।।