












अभिनंदन है ए वीर
कैसे शब्द पिरोउ मैं तेरे समान में
अदना सा हुआ मेरा हर अक्षर
अभिनंदन तेरे शौर्य-मान में ।।
है पराक्रम दिखलाया
तूने ऐसा अम्बर में
जिससे हिन्द का मान बढाया
मिल गया गौरव छनभर में ।।
मंज़िल तूने भेद दिया
शत्रु को तूने मोड़ दिया
अभिमान उसका तोड़ दिया
खंड खंड कर दिया उसको उसी के स्थान में ।।
निर्भय अड़िग खड़ा था
जा के पाकिस्तान में
तेरे हौसले पराक्रम को नमन
हो रहा आज सम्पूर्ण हिन्दुस्तान में ।।

कल हम बिखरे बिखरे थे
आज हम एक है
इन दहशतगर्दों के खिलाफ
आवाज एक है
तू ठहर ज़रा
वक़्त लगेगा
तू इंतजार कर
तुझे भी मिलेगा
नासुरे-जख़्म
आज हिन्द की
ख़्याल एक है
सवाल एक है
वार एक है
दर्द एक है
आवाम एक है
ये देश एक है
हिन्द एक है ।। # जय हिंद #

तेरा चित्रण कैसे करूँ
तेरा वर्ण गण का बखान कैसे करूँ
विधाता ने तुम्हें नारी रुप में गढ़ा है
उस विशेष चरित्र का बखान कैसे करूँ ।।
तुझमें ही तो बहती है
सृष्टि की ममता करुणा की धारा
प्रीतम की प्रियतमा हो तुम
तुम्हारी स्नेह का बखान कैसे करूँ ।।
नयन कटार भृगुटी विशाल
तेरे अनंत रूप का बखान कैसे करूँ
समय समय पर जब उठाई हो तुम तलवार
तेरे उस ओज का बखान कैसे करूँ ।।
चराचर सृष्टि तुम से ही चलती है
जन्म की स्थिति परिस्थित का बखान कैसे करूँ
नव जीवन के उस जोत को लेन को
तेरा वो बारम्बार मरे का बखान कैसे करूँ ।।
तुझ बिन ये सृष्टि यूं तो चल नहीं सकती
पर नारों के अभिमान को बखान कैसे करूँ
नर नारी पर निर्भर है फिर भी
तेरी दयनीय दशा का बखान कैसे करूँ ।।

हिन्दी है तो हिन्द है…
हिन्दी शब्द भावनाओं से भरे है
हिन्दी शब्द धर्म से परे है
हिन्दी शब्द अहिंसा से भरे है
हिन्दी शब्द हिंसा से परे है
हिन्दी शब्द विश्वास से भरे है
हिन्दी शब्द द्वेष से परे है
हिन्दी शब्द शौर्य से भरे है
हिन्दी शब्द अहंकार से परे है
हिन्दी शब्द त्याग से भरे है
हिन्दी शब्द स्वार्थ से परे है
हिन्दी शब्द प्रेम से भरे है
हिन्दी शब्द छलावा से परे है
हिन्दी शब्द एकता से भरे है
क्योंकि …. हिन्दी है तो हिन्द है ।।
बुराईयाँ तो है बहोत, है उस सख्स में
मग़र… दब गये सब, उसे एक खूबी जज्बा ऐ हिंद से ।।
यूं तो बातें सुनने थे, सुन रहे है
पहले और अब के, हुक्मरान के
जाने क्यों अब , एक उम्मीद हुआ
होने नहीं देगा टुकड़े, फिर हिंदुस्तान के ।।
#यज्ञ

सुन लो ”यज्ञ” की बात…
फ़िक्र तो दूर मैं ज़िक्र नहीं करता
जो देश के नहीं साथ है ।।
मैं कायल हूँ उनका जो…
हर हालात में देश के साथ है ।।

हिंदी से ही हिन्द है….
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हिंदी से ही हिंदुस्तान है
हिंदी से ही देश का समान है ।।
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हिंदी ही राष्ट्र का गर्व
हिंदी ही अखण्डता का प्रमाण है ।।
#जय_हिंद #यज्ञ

न हिन्दू न मुस्लिम न सिक्ख न ईसाई लिख देना
कोई पूछे तो हिंदी हूँ मेरे पहचान लिख देना ।।
धमनी और शिराओं के रक्त का प्रभाव लिख देना
कोई पूछे ये उबाल क्यों तो हिंदी हूँ पहचान लिख देना ।।
ये हिन्द है… ये हिन्द है
जब भी मिलो मेरा प्यार लिख देना ।।
#यज्ञ #जय_हिंद
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मैं रहूँ ना रहूँ मेरे अल्फ़ाज़ जाविदां हैं, कल मिलू ना मिलू यह अंदाज़ अलहदा है...
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