अँधेरा

dark night

मैं खुद से दूर होने लगा
स्वार्थ मेरा बढ़ने लगा
सच का दीपक बुझ गया… शायद
अँधेरा अंतर मन में फैलने लगा ||

अँधेरा = झूठ

वक़्त

Time-slips-through-your-hands

जख़्म तूम देना मलहम वक़्त लगा देगा
देर से सही तुझे मुझे वक़्त भुला देगा ||

ऐतबार

night4

तसल्ली अपने पास रख इतना तो ऐतबार रख
मोहलत दे भूल जाने को मेरे वादे पे ऐतबार रख ।।